हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
आध्यशक्ति मा आदि अनादी ,
अरजी अंबा उरमा धरजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
होय भले दु:ख मेरु सरीखु ,
रंज एनो ना थावा देजे
राज सरीखु दु:ख जोइ बीजानु ,
रोवाने बे आंसु दे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
आत्मा कोइ नो आनंद पामे तो ,
भले संतापी ले मुज आतमने
आनंद एनो अखंडी रेजो ,
मने कटंक दे ,एने पुष्पो देजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
धुप बनु हुं सुगंध तु लेजे ,
राख बनी उडी जावा देजे
बळु भले , बाळु नही कोइने ,
जीवन मारु सुगंधीत करजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
कोइना तीर नु निशान बनीने ,
दिल मारु विंधावा देजे
घा सही लउ ,घा करु नही कोय ने ,
घायल थय पडी रेवा देजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
अमृत मळे के ना मळे मुजने ,
आशिश तु अमृतमय देजे
जेर जीवन ना हुं पी जाणु ,
पचाववानी तु शक्ति देजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
देजे शक्ति मने भक्ति देजे
आ दुनिया ना दु:ख सहेवानी
“शांति दुर्लभ” माँ तारा शरणे ,
मा मने तु खोळे लेजे
हे जग जननी हे जगदंबा ,
मात भवानी शरणे लेजे
जब जीवन में अंधेरा छा जाता है, जब हर रास्ता बंद सा लगने लगता है, तब केवल माँ जगदम्बा का नाम ही भक्त के जीवन में आशा की ज्योति बनकर प्रकट होता है।
माँ भवानी अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ती… जो सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, माँ उसकी हर पीड़ा हर लेती हैं। ❤️
यह भजन “हे जग जननी, हे जगदम्बा मात भवानी शरण में येतो” माँ आदिशक्ति की असीम कृपा, ममता और शक्ति को समर्पित है।
इस गीत में एक भक्त की पुकार छुपी है —
जो माँ के चरणों में अपना दुःख, अपना दर्द और अपना पूरा जीवन समर्पित कर देता है। 🌺
माँ जगदम्बा की कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है।
उनका आशीर्वाद जीवन में सुख, शांति, साहस और नई ऊर्जा भर देता है।
जो भक्त श्रद्धा से “जय माता दी” बोलता है, माँ उसके हर संकट को दूर कर देती हैं। ✨
🌸 इस भजन को सुनते समय अपने मन को माँ के चरणों में समर्पित कर दीजिए और महसूस कीजिए माँ की दिव्य उपस्थिति।
अगर भजन आपके हृदय को छू जाए तो इसे अपने परिवार और मित्रों के साथ जरूर साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग माँ की भक्ति से जुड़ सकें। 🙏
