सो जा रे नंदलाला, झूले पाळणो हाले,
माखन मिश्री थारै वास्ते, मैया प्रेम सूं ल्यावे।
सो जा रे नंदलाला, झूले पाळणो हाले,
माखन मिश्री थारै वास्ते, मैया प्रेम सूं ल्यावे।
नींदड़ी आवे धीरे-धीरे, अंखियों में बस जावे,
चंदा भी थारो रखवालो, तारां गीत सुणावे।
नींदड़ी आवे धीरे-धीरे, अंखियों में बस जावे,
चंदा भी थारो रखवालो, तारां गीत सुणावे।
बंसी री मधुर तान सूं, सारा गोकुल रीझे,
थारो नाम जपै जग सारा, हर दुख दूर करी दे।
सो जा रे नंदलाला, झूले पाळणो हाले,
माखन मिश्री थारै वास्ते, मैया प्रेम सूं ल्यावे।
सो जा रे नंदलाला, थारो दरस सुहावो,
थारी छाया में हर जीव रो, भाग्य जगमगावो।
मोर मुकुट सिर ऊपर सोहे, पीतांबर लहरावे,
निंदिया रानी थारै नैणा, चुपके-चुपके आवे।
सो जा रे नंदलाला, झूले पाळणो हाले,
माखन मिश्री थारै वास्ते, मैया प्रेम सूं ल्यावे।
सो जा रे नंदलाला, माटी रा दीप जळे,
मैया थारो हालरियु गावै,प्रेम रा फूल खिलें
सो जा रे नंदलाला, झूले पाळणो हाले,
माखन मिश्री थारै वास्ते, मैया प्रेम सूं ल्यावे।
ममता, भक्ति और वात्सल्य से भरा यह मधुर लोरी भजन भगवान श्रीकृष्ण और मैया यशोदा के पावन प्रेम को समर्पित है।
जब गोकुल की गलियों में नन्हे कान्हा अपनी मीठी मुस्कान बिखेरते थे, तब मैया यशोदा अपने लाडले नंदलाला को प्रेम से झूला झुलाकर लोरियाँ सुनाया करती थीं। यही दिव्य भाव इस भजन में जीवंत किया गया है।
इस गीत में मैया यशोदा का अथाह स्नेह, कान्हा की मासूम बाल लीलाएँ, चाँद और तारों से सजी गोकुल की रात, और बंसी की मधुर तान का अद्भुत वर्णन है।
“सो जा रे नंदलाला” केवल एक लोरी नहीं, बल्कि हर भक्त के हृदय की वह भावना है जिसमें वह अपने कान्हा को प्रेम से सुलाने का अनुभव करता है। 🙏
इस भजन को सुनते समय ऐसा अनुभव होता है मानो गोकुल की शांत रात में स्वयं मैया यशोदा अपने नंदलाला को गोद में लेकर प्रेम भरी लोरी सुना रही हों।
कान्हा की मोहक छवि, मोर मुकुट, पीतांबर और उनकी दिव्य मुस्कान मन को भक्ति और शांति से भर देती है।
Songs Credit
Song : So Ja Re Nandlala
🎤 Singer: Ai Vocal
🎶 Music: Ai Vocal
✍️ Lyricist : Tulsi Jaipal
🎬 Video Edit : Tulsii Jaipal
🎤 Language : Hindi
📺 Channel: Mohani Music Hindi
